साॅफ्टवेयर क्या है? परिचय, प्रकार, खूबियाँ और उपयोग

साॅफ्टवेयर क्या है? – What Is Software In Hindi

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका अपनी वेबसाइट पर जिसका नाम है BYTEVIDYA . तो आशा करता हूं आप सभी लोग बहुत ही अच्छा कर रहे होंगे और आपको अपने जीवन में सफलताएं जरूर मिल रही होगी. दोस्तों आज का हमारा टॉपिक है कंप्यूटर सॉफ्टवेयर . दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम सॉफ्टवेयर के बारे में जानेंगे जैसे की सॉफ्टवेयर क्या है? , सॉफ्टवेयर कितने प्रकार का होता है? , एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? , सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है? इन सभी चीजों के बारे में आज की इस आर्टिकल में हम जानेंगे.

तो चलिए दोस्तों बिना आपका टाइम वेस्ट करें इस आर्टिकल को स्टार्ट करते हैं और मैं आपसे उम्मीद करता हूं कि अगर आपका कंसंट्रेशन लेवल अच्छा है तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पड़ेंगे

सॉफ्टवेयर क्या है?

दोस्तों सॉफ्टवेयर निर्देशों तथा प्रोग्रामो का एक समूह होता है । जो कंप्यूटर को किसी कार्य को पूरा करने का निर्देश देता है ।

computer software kya hai

सॉफ्टवेयर प्रोग्राम , नियम एवं क्रियाओन का वह समूह है जो कंप्यूटर सिस्टम को नियंत्रित करता है तथा कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयर के बीच समन्वय स्थापित करता है । वही दोस्तों अगर दूसरे शब्दों में कहें तो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का वह समूह है जो कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को नियंत्रित करता है । यानी कि दोस्तों सॉफ्टवेयर डाटा , प्रोग्राम , इंस्ट्रक्शन आदि का कलेक्शन होता है . जो कि पहले से बताई गई निर्देशों के हिसाब से अलग-अलग कार्यों को करता है .

सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का महत्वपूर्ण भाग होता है इसके बिना हम कंप्यूटर पर कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं . यानी कि दोस्तों जो आपका सॉफ्टवेयर होता है यह कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग होता है इसके बिना कंप्यूटर पर कोई भी कार्य करना संभव होता है . सॉफ्टवेयर के बिना आपका कंप्यूटर एक खाली डिब्बे की तरह है .

दोस्तों सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह भाग होता है जिसे ना ही हम देख सकते हैं और ना ही इसे हम छू सकते हैं. दोस्तों जो आपका सॉफ्टवेयर होता है इसको प्रोग्राम्स के द्वारा असेंबली लैंग्वेज या फिर हाई लेवल लैंग्वेज में लिखा जाता है. लेकिन दोस्तों आपको पता ही होगा कि जो आपका कंप्यूटर होता है यह सिर्फ मशीन लैंग्वेज को ही समझता है यह ना तो असेंबली लैंग्वेज को समझता है ना ही हाई लेवल लैंग्वेज को समझता है . जो आपका कंप्यूटर होता है यह केवल मशीन लैंग्वेज को ही समझता है और दोस्तों मशीन लैंग्वेज की बात करें तो मशीन लैंग्वेज 0 और 1 का समूह होता है.

वही दोस्तों जो आपके प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर्स होते हैं इनको असेंबली लैंग्वेज या हाई लेवल लैंग्वेज में लिखा जाता है . दोस्तों इन प्रोग्राम्स को मशीन लेवल लैंग्वेज में ट्रांसलेट करने के लिए हम ट्रांसलेटर का उपयोग करते हैं जैसे आपका कंपाइलर हो गया , इंटरप्रेटर हो गया या फिर असेंबलर हो गया इन सभी का उपयोग हम असेंबली लैंग्वेज या हाई लेवल लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करने के लिए करते हैं.

सॉफ्टवेयर किसी भी कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है और इसके बिना आप कंप्यूटर पर कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं . दोस्तों यूजर्स यानी कि हम किसी भी हार्डवेयर को बिना सॉफ्टवेयर के एक्सेस नहीं कर सकते हैं उसके लिए हम सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं यानी कि दोस्तों जो आपका सॉफ्टवेयर होता है वह यूजर को कंप्यूटर पर कार्य करने की क्षमता को प्रदान करता है.

सॉफ्टवेयर के बिना हम कंप्यूटर पर कोई भी काम नहीं कर सकते हैं. दोस्तों अलग-अलग कार्य को करने के लिए हम अलग-अलग सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं. अब अगला हम जानते हैं दोस्तों की सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं.

सॉफ़्टवेयर निम्नलिखित तीन तरीकों में से किसी एक के माध्यम से कंप्यूटर में प्रवेश कर सकता है।
इसे सीडी-रोम या हार्ड डिस्क ड्राइव जैसे सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस से कंप्यूटर में लोड किया जा सकता है ।

computer sw kya hai

(i) इसे firmware के रूप में कंप्यूटर सर्किट में बनाया जा सकता है।

(ii) इसे CD-ROM या Hard Disk Drive जैसे सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस से कंप्यूटर में load किया जा सकता है।

(iii) इसे keyboard और programming tools की सहायता से कंप्यूटर में टाइप भी किया जा सकता है।

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच संबंध

सॉफ्टवेयर उन कंप्यूटर प्रोग्रामों को refer करता है जो कंप्यूटर सिस्टम में लोड किए जाते हैं, और हार्डवेयर सभी touchable उपकरणों को refer करता है, जिन्हें कंप्यूटर सिस्टम बनाने के लिए एक साथ इकट्ठा किया जाता है। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का मिश्रण एक कंप्यूटर सिस्टम को जीवन प्रदान करता है।

भले ही हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक हिस्सा है, यह तब तक कुछ भी नहीं है जब तक कि इसे नियंत्रित करने के लिए सॉफ्टवेयर न हो। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर एक विशेष संबंध साझा करते हैं। यदि हार्डवेयर कंप्यूटर सिस्टम का ‘हृदय’ है, तो सॉफ्टवेयर इसकी ‘आत्मा’ है। दोनों एक -दूसरे के लिए तारीफ कर रहे हैं। सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर का कोई उपयोग नहीं होता है और हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं किया जा सकता है।

सॉफ्टवेयर के प्रकार – Types Of Software

दोस्तों सॉफ्टवेयर मुख्ता तीन प्रकार के होते हैं :

  • सिस्टम सॉफ्टवेयर(System Software)
  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर(Application Software)
  • यूटिलिटी सॉफ्टवेयर(Utility Software)
Types Of Software

दोस्तों अब सिस्टम सॉफ्टवेयर भी दो प्रकार के होते हैं:

  • ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर(Operating Software): दोस्तों ऑपरेटिंग सिस्टम में हमारे पास WINDOWS , LINUX , UNIX , UBUNTU , ANDROID यह सब आपके ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं.
  • ट्रांसलेटर : अब ट्रांसलेटर की बात करें तो जो आपका कंपाइलर , इंटरप्रेटर और असेंबलर लैंग्वेज ट्रांसलेटर का ही एग्जांपल होता है.

दोस्तों इसी प्रकार एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में जो आपका वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर , स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर होता है , आपका डेटाबेस सॉफ्टवेयर होता है , ग्रैफिक्स सॉफ्टवेयर होता है जैसे कि फोटोशॉप वीडियो एडिटिंग यह सब एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के अंतर्गत ही आते हैं.

वहीं पर दोस्तों यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के अंदर आपके एंटीवायरस , डिस्क क्लीनअप , डी फ्रेगमेेंटर, फाइल मैनेजर यह सब यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के अंतर्गत आते हैं.

उम्मीद करता हूं दोस्तों यहां तक आपको पूरा समझ आ गया होगा आगे हम एक-एक करके इन सभी के बारे में अच्छे से जानेंगे. पहले है आपका

सिस्टम सॉफ्टवेयर – System Software In Hindi

system Software

दोस्तों सिस्टम सॉफ्टवेयर किसी भी कंप्यूटर का सबसे इंपॉर्टेंट भाग होता है. सिस्टम सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो हार्डवेयर को मैनेज एवं कंट्रोल करने का कार्य करता है .

सिस्टम सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर होते हैं जो कंप्यूटर सिस्टम को नियंत्रित और व्यवस्थित रखने का कार्य करते हैं . यानी कि दोस्तों सिस्टम सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर होते हैं जो हमारे कंप्यूटर के हार्डवेयर को मैनेज एवं कंट्रोल करने का कार्य करते हैं. सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर तथा यूजर्स के बीच इंटरमीडिएट का काम करते हैं यानी कि दोस्तों जो आपका सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है वह हार्डवेयर और यूजर के बीच में संबंध जोड़ने का कार्य करता है.

सिस्टम सॉफ्टवेयर एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो कंप्यूटर सिस्टम को चलाने और मैनेज करने के लिए उपयोग किया जाता है. सिस्टम सॉफ्टवेयर किसी भी कंप्यूटर सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है इसके बिना यूजर्स कंप्यूटर पर किसी भी कार्य को नहीं कर सकता . सिस्टम सॉफ्टवेयर दूसरे सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाता है यानी कि दोस्तों जो आपका सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है वह यूजर को एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उसे करने के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाता है जिसमें यूजर्स अनेक प्रकार के एप्लीकेशन को चला सकते हैं.

दोस्तों सिस्टम सॉफ्टवेयर आपका दो प्रकार का होता है पहले आपका ऑपरेटिंग सिस्टम और दूसरा आपका लैंग्वेज ट्रांसलेटर पहले बात करते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है जो कंप्यूटर तथा यूजर के बीच में इंटरफ़ेस का कार्य करता है. दोस्तों आप इंटरफेस को इस तरीके से भी समझ सकते हैं कि जब आप होटल पर जाते हैं और खाना ऑर्डर करते हैं तो आप डायरेक्ट किचन पर जाकर खाना ऑर्डर नहीं करते आप वेटर को बुलाते हैं और वेटर आपका ऑर्डर किचन में बावर्ची को देता है और फिर वह खाना बनाकर उस वेटर को दे देता है और वह आप तक वह खाना लेकर आता है तो इसका मतलब होता है कि आपके बीच में और किचन के बीच में जो वेटर है वह इंटरफ़ेस का कार्य कर रहा होता है.

ऑपरेटिंग सिस्टम निर्देशों ए प्रोग्राम का एक समूह होता है जो स्टोरेज डिवाइस में मौजूद रहता है. कंप्यूटर के ऑन होने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में लोड होने वाला पहला प्रोग्राम होता है. ऑपरेटिंग सिस्टम किसी भी कंप्यूटर में होने वाली सभी क्रियाओन को कंट्रोल ए मैनेज करने का काम करता है.

ऑपरेटिंग सिस्टम किसी भी कंप्यूटर का मुख्य सॉफ्टवेयर होता है इसके बिना किसी भी काम को करना मुश्किल होता है कंप्यूटर में यानी कि दोस्तों जो आपका ऑपरेटिंग सिस्टम होता है यह कंप्यूटर का इंपॉर्टेंट सॉफ्टवेयर होता है इसके बिना यूजर्स कंप्यूटर पर किसी भी कार्य को नहीं कर सकता . ऑपरेटिंग सिस्टम में आपके सिस्टम बूट प्रोग्राम आदि होते हैं .

ऑपरेटिंग सिस्टम आपके दो प्रकार के होते हैं पहले आपका CUI जिसकी फुल फॉर्म Character User Interface होती है. दूसरा है आपका GUI जिसका पूरा नाम होता है Graphical User Interface . CUI दोस्तों आपका कमान बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम होता है और वहीं पर दोस्तों GUI आपका यह ग्राफिकल बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम होता है.

वहीं पर दोस्तों अगर हम ऑपरेटिंग सिस्टम के एग्जांपल की बात करें तो आपका WINDOWS ,LINUX , UBUNTU , MAC OS , ANDROID , FUNTOUCH आदि होता है.

अब बात करते हैं लैंग्वेज ट्रांसलेटर क्या होता है?

दोस्तों अगर आपको ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है को अच्छे से जानना है तो मैं इस पर एक डिटेल आर्टिकल बनाया हुआ है . आप वहां ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में अच्छे से जानकारी ले सकते हैं.

लैंग्वेज ट्रांसलेटर क्या है?

लैंग्वेज ट्रांसलेटर भी आपका एक सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है . लैंग्वेज ट्रांसलेटर तीन प्रकार के होते हैं पहले आपका कंपाइलर , दूसरा इंटरप्रेटर और तीसरा असेंबलर . कंपाइलर का उपयोग हाई लेवल प्रोग्रामिंग भाषा को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करना होता है .

वहीं पर दोस्तों इंटरप्रेटर का कार्य भी हाई लेवल प्रोग्रामिंग भाषा को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करना होता है पर इसमें फरक यहां होता है कि यह लाइन बाई लाइन भाषा को कन्वर्ट करता है जबकि कंपाइलर पूरा एक साथ हाई लेवल भाषा को कन्वर्ट कर देता है दोस्तों दोनों के ही अपने-अपने एडवांटेज होते हैं अगर आप चाहते हो मैं इस पर भी एक आर्टिकल लिखूं तो नीचे कमेंट करके मुझे जरूर बताएं .

असेंबलर का उपयोग असेंबली लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करने का होता है. अब दोस्तों जानते हैं की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या होता है

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है?

application Software

दोस्तों एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए किया जाता है . एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यूजर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जाता है . एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो यूजर के लिए बनाए जाते हैं . यानी कि दोस्तों एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर होते हैं जिनका उपयोग यूजर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है.

अलग-अलग कार्य को करने के लिए हम अलग-अलग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं जैसे कि दोस्तों अगर हमें डॉक्यूमेंट बनाना है तो उसके लिए हम Word Processing सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं , प्रेजेंटेशन बनाना है तो उसके लिए हम MS PowerPoint का उपयोग करते हैं . वहीं पर दोस्तों अगर हमें मार्कशीट वगैरह बनाना है तो उसके लिए हम MS Excel या फिर Spreadsheet का उपयोग करते हैं.

यानी कि दोस्तों हमें अलग-अलग कार्य करने के लिए अलग-अलग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करना होता है. एक ही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर से हम सारा काम नहीं कर सकते यानी कि हम एक ही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर पर निर्भर नहीं रह सकते. जैसे दोस्तों हमको संगीत सुनना है तो उसके लिए हम Music Player का उपयोग करते हैं , वीडियो देखना है तो उसके लिए हम Video Player का उपयोग करते हैं.

वहीं पर दोस्तों अगर हम एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के एग्जांपल की बात करें तो आपका MS Word , Libra Office , Spreadsheet , Ms Access , VLC Player , Mx Player आदि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के उदाहरण होते हैं. अब हम दोस्तों बात करते हैं यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या होता है

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है?

utility Software

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर होते हैं जो कंप्यूटर को रिपेयर एवं कंप्यूटर की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं तथा उसे कार्यशील बनाने में मदद करते हैं. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का काम कंप्यूटर सिस्टम को Configure , Maintain और Optimise करना होता है. जो आपकी यूटिलिटी सॉफ्टवेयर होते हैं वह हमारे कंप्यूटर सिस्टम को मेंटेन रखने हैं और ऑप्टिमाइज करते हैं और उन्हें सुरक्षा प्रदान भी करते हैं.

हम अब दोस्तों हम यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के उदाहरण की बात करें तो डिस दी फ्रेगमेेंटर , एंटीवायरस प्रोग्राम , डिस क्लीनर , फाइल मैनेजर आदि यह सभी आपके यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के ही उदाहरण होते हैं.

उम्मीद करता हूं दोस्तों यहां तक आपको सब कुछ समझ आ गया होगा (साॅफ्टवेयर क्या है? परिचय, प्रकार, खूबियाँ और उपयोग) अगर फिर भी आपका कोई प्रश्न है तो आप नीचे कमेंट में जरूर मुझे कमेंट करके बताएं. जल्द ही आपसे फिर से मुलाकात होगी एक और आर्टिकल के साथ तब तक के लिए अपना ध्यान रखिए

1 thought on “साॅफ्टवेयर क्या है? परिचय, प्रकार, खूबियाँ और उपयोग”

  1. certainly like your website but you need to take a look at the spelling on quite a few of your posts Many of them are rife with spelling problems and I find it very troublesome to inform the reality nevertheless I will definitely come back again

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